जॉइनिंग की मांग को लेकर पांचवें दिन भी डटे लैब टेक्नीशियन अभ्यर्थी, भूख हड़ताल जारी
संचिता सुषमा वाल्के
भोपाल। मध्य प्रदेश में लैब टेक्नीशियन भर्ती परीक्षा पास कर चुके करीब 150 अभ्यर्थी जॉइनिंग की मांग को लेकर लगातार पांचवें दिन भी आंदोलनरत रहे। राजधानी भोपाल के जेपी अस्पताल परिसर स्थित संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं कार्यालय के बाहर अभ्यर्थियों ने धरना-प्रदर्शन जारी रखा। पांच अभ्यर्थी भूख हड़ताल पर बैठे हैं। शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों ने स्वास्थ्य विभाग की अर्थी निकालकर और उसके सामने विलाप कर अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें यह कहकर नियुक्ति देने से इंकार कर दिया कि उन्होंने प्राइवेट कॉलेजों से लैब टेक्नीशियन का कोर्स किया है। उनका कहना है कि जिन कॉलेजों से उन्होंने पढ़ाई की है, उन्हें सरकार से मान्यता प्राप्त है। इतना ही नहीं, तीन अभ्यर्थियों को प्राइवेट कॉलेज से पढ़ाई करने के बावजूद नियुक्ति दी जा चुकी है। ऐसे में शेष चयनित अभ्यर्थियों को अपात्र घोषित करना भेदभावपूर्ण है।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार विभाग ने 288 पदों पर भर्ती निकाली थी, जिसमें 244 अभ्यर्थियों का चयन हुआ। इनमें से शासकीय कॉलेजों से पास 65 अभ्यर्थियों को नियुक्ति दे दी गई, जबकि करीब 150 प्राइवेट कॉलेजों से पढ़े चयनित अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया।
अभ्यर्थियों ने विभाग पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि कार्यालय के बाहर रखे पेयजल के मटकों में गंदगी और कीड़े मिले, जिसके कारण उन्हें पानी पीना बंद करना पड़ा। इसके अलावा गंदे शौचालयों का उपयोग करने और रात में परिसर से बाहर जाने को मजबूर होने की बात भी उन्होंने कही। प्रदर्शनकारी रात फुटपाथ और रैन बसेरों में गुजार रहे हैं।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि जब उन्होंने इस संबंध में सहायक संचालक डॉ. वंदना खर से जवाब मांगा तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। वहीं डॉ. खर का कहना है कि यह निर्णय उनके स्तर का नहीं है और अंतिम फैसला संचालक आईएएस एस. धनराजू के स्तर पर लिया जाएगा।
इस बीच आंदोलन को राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का समर्थन भी मिलने लगा है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मनोज यादव धरना स्थल पहुंचे और अभ्यर्थियों का समर्थन करते हुए चेतावनी दी कि यदि शनिवार तक नियुक्ति नहीं दी गई तो स्वास्थ्य मंत्री के बंगले का घेराव किया जाएगा। इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।
वहीं करणी सेना भी अभ्यर्थियों के समर्थन में उतर आई है। संगठन के प्रतिनिधि कृष्ण बुंदेला ने कहा कि चयनित अभ्यर्थियों को पहले जॉइनिंग लेटर जारी किए गए थे, लेकिन अब प्राइवेट कॉलेज से पढ़ाई का हवाला देकर उन्हें नियुक्ति से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने विभाग को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो करणी सेना उग्र आंदोलन करेगी।