नोटिस के बाद भी नहीं ढहा जर्जर भवन, आधी रात अचानक गिरा हिस्सा; बाल-बाल बचे लोग
रायपुर| प्रदेश की राजधानी रायपुर के सदर बाजार क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक अत्यंत जर्जर इमारत का अग्रिम भाग अचानक ढह गया। घटना के समय भवन के समीप तेज ध्वनि में डीजे बज रहा था, इसी दौरान यह हादसा हुआ।
दुकानदारों ने सूझबूझ से बचाई जान, पुलिस ने बंद कराया मार्ग
यह घटना सहेली ज्वेलर्स के ठीक सामने स्थित एक पुरानी इमारत में घटी। भवन के भूतल पर एक पान का खोखा संचालित होता है। जर्जर हिस्से के ढहने से ऐन पहले ही दुकानदार तथा निकट खड़े नागरिकों को खतरे की आहट मिल गई थी, जिसके चलते वे समय रहते वहां से हट गए और बड़ा हादसा टल गया।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और नगर निगम की राहत टीम स्थल पर पहुंची। मलबे के नीचे किसी के फंसे होने के अंदेशे को देखते हुए पूरे क्षेत्र की घेराबंदी की गई। सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस ने कुछ देर के लिए मार्ग पर वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया। राहत की बात यह रही कि इस दुर्घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
भवन स्वामी को पूर्व में थमाया जा चुका था नोटिस
हादसे के पश्चात जीर्ण-शीर्ण भवनों के विरुद्ध प्रशासनिक ढिलाई पर सवाल खड़े होने लगे हैं। नगर निगम जोन-4 के अधिकारियों के अनुसार, उक्त मकान काफी समय से जर्जर अवस्था में था और इसके स्वामी को पूर्व में ही नोटिस प्रेषित किया जा चुका था। घटना के उपरांत निगम के दस्ते ने मलबे और खतरनाक अवशेषों को हटाने का कार्य प्रारंभ कर दिया है।
मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद भी लापरवाही
यह मामला मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के हालिया कड़े निर्देशों के बावजूद सामने आया है। दिल्ली में घटी इमारत दुर्घटना के उपरांत मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक लेकर समस्त जिलाधीशों एवं पुलिस अधीक्षकों को अपने क्षेत्रों में जोखिमपूर्ण इमारतों को चिह्नित कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उन्होंने जनसुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की ताकीद भी की थी।
जर्जर भवनों के समीप उच्च ध्वनि पर प्रतिबंध की अपील
वारदात के उपरांत प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे जीर्ण-शीर्ण संरचनाओं के समीप तेज आवाज में साउंड सिस्टम या डीजे न बजाएं, ताकि कंपन्न से अन्य हिस्सों के गिरने का जोखिम न रहे। फिलहाल निगम की टीम स्थल पर मुस्तैद होकर सुरक्षात्मक उपाय कर रही है।