19 सितंबर को इंदौर में होगी ‘छात्रों की गूँज’, युवाओं से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील
संचिता सुषमा वाल्के

भोपाल, 7 सितंबर। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था, उच्च शिक्षा, विश्वविद्यालयों, खेलकूद और प्रतियोगी परीक्षाओं की स्थिति को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है और इसका सीधा असर विद्यार्थियों एवं युवाओं के भविष्य पर पड़ रहा है।

पत्रकार वार्ता में नायक ने दावा किया कि प्रदेश के 7,217 स्कूलों में केवल एक-एक शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि स्कूलों और विश्वविद्यालयों में करीब 65 प्रतिशत शिक्षकों के पद खाली हैं। गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान और अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी का भी उन्होंने आरोप लगाया।

नायक ने पन्ना जिले के पवई ब्लॉक के मोहंदरा शासकीय कन्या विद्यालय का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां राजनीति शास्त्र के शिक्षक द्वारा 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को भौतिकी पढ़ाने की स्थिति सामने आई। उन्होंने इसे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण बताया।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में 463 स्कूल ऐसे हैं, जहां एक भी विद्यार्थी ने प्रवेश नहीं लिया है। साथ ही मिड-डे मील और पोषण आहार में कथित अनियमितताओं को लेकर भी उन्होंने सरकार से जवाब मांगा। नायक के मुताबिक प्रदेश का शिक्षा बजट कुल बजट का करीब 13.7 प्रतिशत है।

निजी विश्वविद्यालयों की व्यवस्था पर भी सवाल

कांग्रेस नेता ने प्रदेश में संचालित निजी विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता और नियमन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई संस्थानों में नियमित कक्षाएं और परीक्षाएं समय पर नहीं होतीं तथा विद्यार्थियों को लंबे समय तक डिग्री नहीं मिलती।

नायक ने कहा कि परीक्षा परिणाम छह महीने से लेकर एक साल तक लंबित रहने और डिग्री मिलने में वर्षों लगने से विद्यार्थियों के करियर पर प्रतिकूल असर पड़ता है। उन्होंने आधुनिक और रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों के विस्तार की आवश्यकता बताते हुए कहा कि दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोइन्फर्मेटिक्स और अन्य नए क्षेत्रों में आगे बढ़ रही है, जबकि प्रदेश के विश्वविद्यालयों में इन क्षेत्रों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

खेल सुविधाओं को लेकर भी उठाए सवाल

नायक ने स्कूल-कॉलेजों में अकादमिक और खेल कैलेंडर को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि खेल और रेडक्रॉस के नाम पर विद्यार्थियों से ली जाने वाली फीस के उपयोग में पारदर्शिता नहीं है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को खेल किट, ब्लेजर और यात्रा जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी पर्याप्त सहायता नहीं मिलती। जिलों में बनाए गए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की स्थिति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने खिलाड़ियों की सुरक्षा और वहां की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की मांग की।

प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता का मुद्दा

कांग्रेस नेता स्वतंत्र सिंह चौहान ने प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी भर्तियों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यापमं का परीक्षा कैलेंडर समय पर लागू नहीं होता और ऑनलाइन परीक्षाओं को अलग-अलग दिनों एवं शिफ्ट में कराने से विद्यार्थियों के बीच परीक्षा की समानता को लेकर सवाल खड़े होते हैं।

चौहान ने नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को भी विद्यार्थियों के लिए अस्पष्ट बताते हुए परीक्षा परिणामों में पारदर्शिता की मांग की। उन्होंने MPPSC की परीक्षाओं में प्रश्नों की गलतियों और विवादों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि प्रदेश में करीब एक लाख शिक्षकों के पद रिक्त हैं। इसके अलावा सरकारी विभागों में भी बड़ी संख्या में पद खाली होने का उन्होंने आरोप लगाया।

चौहान ने कहा कि 2019 से मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं दिखाने की व्यवस्था बंद है और प्रारंभिक परीक्षा की ओएमआर शीट ऑनलाइन देखने की सुविधा भी पिछले दो वर्षों से उपलब्ध नहीं होने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने परिणाम और मूल्यांकन प्रक्रिया की जानकारी पाने का अधिकार है।

19 सितंबर को इंदौर में ‘छात्रों की गूँज’

मुकेश नायक ने विद्यार्थियों से 19 सितंबर को इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूँज’ कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के छात्र संवाद के तहत आयोजित किया जा रहा है।

नायक ने विद्यार्थियों से दिए गए QR कोड के माध्यम से पंजीयन कराने और कार्यक्रम में शामिल होकर शिक्षा एवं युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाने का आह्वान किया।

पत्रकार वार्ता में पूर्व प्रदेश प्रवक्ता स्वदेश शर्मा, विक्रम चौधरी, राहुल राज, अपराजिता पांडे और अभिनव बरोलिया सहित कांग्रेस के अन्य नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।