पाकिस्तान से ज्यादा हिन्दू आज मध्यप्रदेश में खतरे में है लेकिन भाजपा और आरएसएस हिंदुओ के नाम पर सिर्फ वोट की राजनीति में व्यस्त है: उमंग सिंघार 

संचिता सुषमा वाल्के
भोपाल।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों और मध्यप्रदेश में अवैध शराब के नेटवर्क को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए।

1. सागर जहरीली शराब त्रासदी 
* सागर में जहरीली और अवैध शराब से 15 लोगों की मौत हुई है, जबकि 110 से अधिक लोग अस्पताल में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
* 6 सितंबर 2026 को श्री उमंग सिंघार ने प्रभावित गांवों का दौरा कर मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि कई परिवारों ने अपने युवा बेटे, पिता या परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य को खोया है।
* उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इन मौतों की जिम्मेदारी किसकी है।

2. जहरीली शराब में मेथेनॉल का इस्तेमाल 
* मेथेनॉल मानव सेवन के लिए नहीं है। यह एक अत्यंत जहरीला औद्योगिक रसायन है, जिसका इस्तेमाल सॉल्वेंट, ईंधन और औद्योगिक प्रक्रियाओं में होता है।
* श्री सिंघार ने कहा कि जांच केवल शराब बेचने वाले तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि जहर किसने मिलाया और यह कहां से आया।

3. सागर गोल्ड, यूपी कनेक्शन और प्रशासन की भूमिका 
* ‘Sagar Gold’ की बोतल पर DCR Distillery Pvt. Ltd., ग्राम महोर, जिला सागर का पता दर्ज है।
* पुलिस के अनुसार शराब ललितपुर, उत्तर प्रदेश से आई थी। इसके अलावा ‘Bambaiya Whisky’ का नाम भी सामने आया है।
* श्री सिंघार ने सवाल उठाया कि यदि शराब उत्तर प्रदेश से मध्यप्रदेश पहुंची, तो सीमा पार करते समय मध्यप्रदेश 
पुलिस और आबकारी विभाग क्या कर रहे थे। 
* ये सिर्फ मध्यप्रदेश के अधिकारियों को बचाने के लिए किया जा रहा है जबकि दोनों शराब मध्यप्रदेश में ही बन रही है।
* उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार है, इसलिए इस पूरे नेटवर्क की जिम्मेदारी और संरक्षण की जांच होनी चाहिए।

4. भाजपा नेताओं के परिवारों से जुड़े आरोप 
* कॉरपोरेट रिकॉर्ड के अनुसार DCR Distillery Pvt. Ltd. के निदेशक के रूप में गजेंद्र सिंह राठौर (DIN: 01325291) का नाम दर्ज है। परिवार के अन्य सदस्य भी निदेशक हैं।
* गजेंद्र सिंह राठौर, पूर्व मंत्री और भाजपा नेता स्वर्गीय हरनाम सिंह राठौर के भाई हैं।
* स्थानीय लोगों ने पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह के लोगों के अवैध शराब कारोबार में शामिल होने की बात भी कही है। श्री सिंघार ने इन आरोपों की जांच की मांग की।

5. नकली शराब का री-पैकेजिंग नेटवर्क 
* नकली शराब को ब्रांडेड बोतलों में भरकर बेचने का नेटवर्क सक्रिय होने का आरोप है।
* जहां सरकारी दुकान पर बोतल ₹140 में बिकती है, वहीं नकली शराब ₹40–50 में उपलब्ध होने से इसका अवैध बाजार बढ़ा।
* आबकारी ठेकेदारों द्वारा पहले ही शराब माफिया के सक्रिय होने की शिकायत की गई थी, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं हुई।
* श्री सिंघार ने जांच को केवल एक ब्रांड तक सीमित रखने के बजाय बॉटलिंग, लेबलिंग, परिवहन और वितरण के पूरे नेटवर्क तक ले जाने की मांग की।

6. मृतकों के परिवारों के लिए मुआवजा 
* सरकार ने घटना के बाद ₹4 लाख मुआवजे की घोषणा की है।
* श्री सिंघार ने कहा कि मृतकों में अधिकांश गरीब मजदूर और परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। इसलिए उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिवार को कम से कम ₹25 लाख मुआवजा देने की मांग की।
* उन्होंने कहा कि मुआवजा जीवन वापस नहीं ला सकता, लेकिन परिवारों के भविष्य को सुरक्षित करने की जिम्मेदारी सरकार की है।

7. निवेश के दावों पर सवाल 
* मुख्यमंत्री मोहन यादव निवेश के उद्देश्य से दुबई जा रहे हैं। श्री सिंघार ने सवाल उठाया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर मध्यप्रदेश की कैसी तस्वीर पेश की जाएगी।
* उन्होंने अपने वक्तव्य में मध्यप्रदेश में जहरीली कफ सिरप से बच्चों की मौत, जहरीले पानी से आम लोगों की मौत और अब जहरीली शराब से मजदूरों की मौत का उल्लेख करते हुए निवेश के दावों पर सवाल खड़े किए।

 8. *गुजरात की जहरीली शराब और 
     मध्यप्रदेश कनेक्शन*

* 16 अगस्त 2026 की रात गुजरात के भावनगर में जहरीली शराब से 13 लोगों की मौत और 60 से अधिक लोगों के प्रभावित होने की घटना सामने आई थी।
* गुजरात पुलिस ने मुख्य आरोपी रईस, निवासी उज्जैन, को उज्जैन से गिरफ्तार किया।
* नरेंद्र सिंह यादव उर्फ ‘डॉक्टर’, जो मध्यप्रदेश का निवासी है, पर भी जहरीली शराब तैयार करने में शामिल होने का आरोप है।
* श्री सिंघार ने इस तथ्य को सागर की घटना के संदर्भ में रखते हुए मध्यप्रदेश से जुड़े अवैध शराब नेटवर्क और उसकी सप्लाई चेन की जांच पर जोर दिया।


 9. ‘Sagar Gold’ पर आदेश बदला क्यों? 

* 6 सितंबर को आबकारी विभाग ने आदेश दिया—‘Sagar Gold’ की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित करो, उपलब्ध शराब सील-जप्त कर FSL जांच कराओ।
* लेकिन उसी दिन संशोधित आदेश आया—‘Sagar Gold’ “नगण्य स्थिति में है”, इसलिए सामान्य जांच करें और “अन्य किसी कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है।”
* सवाल है—कुछ ही घंटों में ऐसा क्या बदल गया कि सील-जप्त और FSL जांच की जरूरत ही खत्म हो गई?
* आखिर किसके दबाव में उसी दिन आदेश बदला गया?

 नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पाकिस्तान से ज्यादा आज हिन्दू मध्यप्रदेश में खतरे में है। इंदौर का भागीरथपुरा हो, बालाघाट और छिंदवाड़ा में मरने वाले सभी हिन्दू थे। उन्होंने कहा अब भाजपा और आरएसएस कहाँ हैं जो हिंदू की बात करते हैं इन्हें सिर्फ वोट चाहिए बाकी कोई मरे उससे लेना देना नहीं हैं।